वीजा नियम में बड़े बदलाव की तैयारी ट्रंप सरकार, सिर्फ इतने दिनों के लिए US में रहने की मिलेगी अनुमति_我的网站
A | डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने विदेशी स्टूडेंट्स (F), एक्सचेंज विजिटर्स (J) और विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों (I) के लिए वीजा नियमों में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। अब इन वीजा धारकों को अनिश्चितकाल के लिए नहीं, बल्कि एक निश्चित समय के लिए अमेरिका में रहने की इजाजत होगी। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने इस बदलाव का प्रस्ताव रखा है, ताकि इन वीजा धारकों पर नजर रखी जा सके और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया जाए।,इस नए नियम के तहत, अगर कोई स्टूडेंट, एक्सचेंज विजिटर या मीडिया प्रतिनिधि अपनी तय समय-सीमा से ज्यादा वक्त तक अमेरिका में रहना चाहता है, तो उसे DHS से एक्सटेंशन ऑफ स्टे (EOS) के लिए अर्जी देनी होगी। यह प्रस्ताव इसलिए लाया गया है, क्योंकि मौजूदा "ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस" नियम के तहत इन लोगों को बिना किसी निश्चित तारीख के रहने की छूट थी, जिससे फ्रॉड और नियम तोड़ने की आशंका बढ़ गई थी। DHS का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में इमिग्रेशन अधिकारियों को यह जांचने का मौका नहीं मिलता कि वीजा धारक नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। 2023 में अमेरिका में 16 लाख से ज्यादा F-1 स्टूडेंट्स, 5 लाख से ज्यादा J एक्सचेंज विजिटर्स और 32,470 I वीजा धारक दाखिल हुए। इतनी बड़ी तादाद में लोगों की निगरानी मुश्किल हो रही थी। नए नियमों से DHS को समय-समय पर यह जांचने का मौका मिलेगा कि वीजा धारक सिर्फ वही काम कर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें इजाजत दी गई है। इससे न सिर्फ सिस्टम में पारदर्शिता आएगी, बल्कि फ्रॉड और गैरकानूनी गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी।,प्रस्तावित नियमों में कई अहम बदलाव शामिल हैं। मिसाल के तौर पर, F और J वीजा धारकों को अधिकतम चार साल की अवधि के लिए प्रवेश या एक्सटेंशन मिलेगा। F-1 स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई खत्म होने के बाद दी जाने वाली ग्रेस पीरियड को 60 दिन से घटाकर 30 दिन किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रेजुएट लेवल के F-1 स्टूडेंट्स अब बीच में अपना प्रोग्राम नहीं बदल सकेंगे।,I वीजा धारकों (विदेशी मीडिया) के लिए 240 दिन की समय-सीमा तय की गई है, सिवाय कुछ खास मामलों के, जैसे कि पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना से जुड़े मामलों में। इन बदलावों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर वीजा धारक अमेरिकी इमिग्रेशन कानूनों का पालन करे।,ये नियम F, J और I वीजा धारकों को बाकी नॉन-इमिग्रेंट वीजा कैटेगरी की तरह लाएंगे, जिनके लिए पहले से ही निश्चित समय-सीमा लागू है। DHS का मानना है कि इससे निगरानी आसान होगी और सिस्टम की मजबूती बढ़ेगी।,इन प्रस्तावित नियमों पर जनता अपनी राय दे सकती है। इसके लिए फेडरल रजिस्टर नोटिस में दी गई समय-सीमा के भीतर Docket No. ICEB-2025-0001 के तहत कमेंट्स जमा करने होंगे। अगर ये नियम लागू हो गए, तो विदेशी स्टूडेंट्स, एक्सचेंज विजिटर्स और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए अमेरिका में रहने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।,यह भी पढ़ें: Virar building collapse: चार मंजिला इमारत का हिस्सा ढहने से अब तक 15 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी。 Paris, Oct 13 (UNI) French gas network system operator GRTgaz said on Thursday that it had started to supply Germany with gas via a connection point in the northeastern commune of Obergailbach.
"Starting from this day, GRTgaz enables the gas transportation to Germany at the connection point in Obergailbach (Moselle department). In an unprecedented energy context ... France stands in solidarity with its neighbor, Germany, by directly supplying gas to the country," the company said in a statement.
The statement also said that the sale of the first physical flows of odorized gas took place at the level of 31 gigawatt hours per day.
The European Union has been facing a widespread energy crisis and racing to fill its gas reserves in time for the heating season due to the military operation in Ukraine launched by Russia on February 24 and sanctions imposed against Moscow.
Moreover, on September 26, leaks were registered at the Nord Stream pipeline network that play a key role in the transition of Russian gas to Europe. The Swedish and Danish authorities said they suspect that the leaks had been caused by sabotage.
UNI/SPUTNIK GNK。
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